Cities

What we did at Aravali Resorts near Dharuhera

By

robably, resort people could identify our intentions of sitting there. They managed to arrange some comfortable chairs for us & also offered Hukka. Some of us enjoyed Hukka, sitting below the crystal clear sky with lot of stars visible. It is not possible for we Delhites to witness such a beauty of stars now in our city, as Delhi atmosphere is too polluted.

Read More

जाने, मुम्बई निकट गणेशपुरी के गर्म पानी के स्रोतों का सत्य

By

इधर छिटपुट हो रही बारिश से मेरा तन-बदन भींग चुका था. उस भींगे हुए ठंडे मौसम में ईच्छा होने लगी कि गर्म पानी के सोतों में स्नान किया जाए. आखिर इतनी दूर मैं उन्हीं के लिए तो आया था. पर मैं महादेव मंदिर वाले उन सार्वजनिक कुंडों में डुबकीनहीं लगाना चाहता था. किंकर्तव्यविमूढ़ता की उस परिस्तिथिति में तन्सा नदी के तट से जैसे निकला, वैसे ही एक पुराने ब्रिटिश समय की कोठी नज़र आई. उत्सुकता शांत करने हेतु मैं कोठी तक चला गया. इस कोठी का नाम रत्नाबाद था. वर्तमान में इसे “गर्म-पानी स्नान तथा हेल्थ रिसोर्ट” के रूप में परिवर्तित किया गया था.

Read More

Kolkata-Howrah

By

I was little ahead of Indian Museum on the road so decided to walk unto the museum. By this time the footpaths along the road were starting to get occupied by hawkers selling all sorts of wares. I came to Indian Museum building which had just opened its counters. I did not have any expectations form the museum and thought I would just skim through it. However, it turned out to be a real treat. It has geological, archaeological, animal, avian, marine specimen over several galleries. The galleries where huge with several things at display. The display units were either tall wooden almirahs or wooden boxes placed on the floor. Rather than specimen I was more amused by rarity of such display furniture.

Read More

एशिया का एकमात्र टैंक म्यूजियम , अहमदनगर टैंक म्यूजियम

By

सारा परिसर कई प्रकार के टैंकों से भरा था. मगर मेरी नज़र किसी भारतीय टैंक को ढूँढने में लगी हुई थी. अंत में उसी परिसर में एक भारतीय टैंक सुशोभित दिखाई दिया, जिसका नाम “Vijayanta” था. यह टैंक सेंचुरियन टैंकों की श्रेणी का था, जिसे सम्पूर्ण रूप से भारत में बनाया गया था. यह १९६६ में सेना में शामिल हुआ और २००४ में इसे सेवानिवृत किया गया. १९७१ के युद्ध में इसने अहम् भूमिका निभाई. पर उससे भी ज्यादा गौरव की बात यह है कि इसी टैंक ने भारत को टैंकों की दुनिया में निर्माणकर्ता राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल कर दिया. अहमदनगर टैंक म्यूजियमअद्भुत थी.

Read More

Soul of Kolkata – Festivals, Food, and Sports

By

Calcutta also known as the city of festivals almost remains enlightened all through the year with various festivals every now and then. Whether it’s Durga Puja, Kali Puja, Laxmi Puja, Kartik Puja, Vishwakarma Puja, Holi, Diwali, Christmas or whatever, the city enjoys them all with full celebration. Durga Puja is ideally the biggest festival of Calcutta (and West Bengal). The city of Calcutta has a completely different look.

Read More

Train journey to Tiruvalla

By

Yet another known place in Tiruvalla is the Vallabha swamy temple. This apparently is a well-known one among the hindu devotees. If you are looking for directions to this place, you need to ask for “Tiruvalla Ambalam” to any auto driver.

Read More

मुंबई की गुफाएँ – जोगेश्वरी देवी की खोज में

By

इतने में कुछ विदेशी पर्यटक आ गए. बड़े-बड़े कैमरों के साथ. वे भी हनुमान मंदिर की तरफ जा रहे थे. मैं भी उनके पीछे चल पड़ा. वो रास्ता एक बड़े-से आँगन से हो कर जाता था, जिसके दोनों तरफ गुफ़ाएँ बनीं हुईं थीं. मेरे पुरोहित ने बताया था कि वर्तमान का वो आँगन पूर्व-काल में गुफ़ा ही था, जिसकी छत कालांतर में गिर चुकी थी. अगर वह गुफा का हिस्सा था, तब तो एक जमाने में वह गुफा बहुत-ही विशाल रही होगी. खैर आँगन से गुजर कर हम हनुमान-मंदिर पहुँचे और वहां दर्शन किया. मंदिर एक गुफा में बना हुआ था. कोई ज्यादा लोग नहीं थे. वहां से तुरंत ही सभी निकल पड़े और फिर गणेश मंदिर तक आये. वह नजदीक ही था. वह भी एक गुफा में बना हुआ था.

Read More

मुंबई की गुफाएँ – मंडपेश्वर और महाकाली

By

यह भी कहा जाता है कि जब-जब शासन बदला, तब-तब इस गुफा का विभिन्न प्रकार से उपयोग किया गया. कभी तो यहाँ सैनिकों के टुकड़ियाँ निवास करती थीं, तो कभी शरणार्थी-गण. यह भी समझा जाता है कि प्रत्येक शासन काल में यह गुफा उजड़ी और फिर नए सिरे से बसी. लोग यह भी मानतें हैं कि विश्व युद्ध के समय भी अंग्रेज सैन्य-बल यहाँ बसा हुआ था. इनका यह मतलब निकलता है कि मंडपेश्वर गुफाएं हमेशा से लोगों द्वारा आबादित रहीं हैं.

Read More

Road to Eternity

By

We followed the surging crowds that seemed to be heading in just one direction – towards the Sistine Chapel. With masses of people packed like sardines inside the chapel, it was hard to imagine it as a quiet place of deliberation. But cardinals have gathered here in conclave for centuries to elect new popes, broadcasting their results through smoke signals from a chimney. It’s also the only place in the museum where photography is prohibited. A world of discovery awaited us as we entered the Sistine Chapel – the pinnacle of western art.

Read More