Historical

मेरी पुष्कर यात्रा – पुष्कर मेला 2017

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पर्यटकों को लुभाने वाली तमाम जगहों से भरी राजस्थान की धरती में पुष्कर का एक अलग स्थान है, क्योंकि बाकी जगहों की तरह यहाँ कोई रेगिस्तान, महल या किला नहीं है, पुष्कर पूरे विश्व में अपनी पहचान रखता है अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए I पूरे विश्व में ब्रह्मा जी का अकेला मंदिर पुष्कर में ही है, इस कारण हिन्दू धर्म में पुष्कर का एक बहुत ख़ास स्थान तो है ही पर उसके अलावा पुष्कर की इस विश्व स्तरीय पहचान के पीछे, हर साल कार्तिक के महीने में आयोजित होने वाले पुष्कर मेले की अहम् भूमिका है I साल के वो आठ दिन जब ये मेला चलता है, तो पुष्कर देश ही नहीं पूरी दुनिया के मानचित्र में होता है I

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Talkād – A City under the Sifting Sand

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By the banks of Cauvery was the ancient town of Talkād a bustling pilgrim city now lay buried under the sheets of shifting sand. What transpire me to visit Talkād are not the exquisite carvings and murals or the archaeological excavations but a curse – The Curse of Malangi, the ancient name of the neighbourhood.

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Humayun’s Tomb & Lotus Temple…….

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It was just another busy week at the office and after much anticipation Sunday arrived. Movie session on Saturday night did the trick and we woke up late on Sunday Morning. So we abandoned our plan to visit the Lotus Temple in the morning and  decided to go to Humayun’s Tomb first….

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The Residency – India’s Alamo

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The Residency is a wonderful piece of history. It tells us of the resilience of Indian troops during the mutiny. Studies tell us that they were defeated due to the lack of officers. Any army needs officers to coordinate fire and chalk out strategies. This was sadly lacking and the revolution petered out. The British on the other hand realised that they could not be masters for long in a country not their own. The Residency stands today as a testimony of the rule of that day.

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Sirsi and Sahasralinga , शिरसी और सहस्रलिंग

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अब माता के दर्शन के बाद मैं चला एक जगह जिसे कहते है सहस्रलिंग कहते है। सहस्रलिंग शिरसी से करीब 12 किमी दूर शिरसी – येल्लापुर हाइवे से कुछ अंदर है, यहाँ आप बस नहीं तो शेयर ऑटो करके आ सकते है। सहस्रलिंग पत्थरों से बनाए गए 1008 शिवलिंग है जो शाल्मला नदी पर स्थित है। इसके इतिहास के बारे में मैंने बहुत जाने कि कोशिश कि लेकिन मुझे ज्यादा पता नहीं चल पाया, लेकिन एक बात यहाँ आकर आपका मन जरूर शिवमय हो जाएगा इस बात कि गारंटी देता हूँ। बहती हुई शाल्मला नदी स्वयं इन शिवलिंगों का अभिषेक करती है 24 घंटे। घने जंगल, पवित्र वातावरण, शाल्माला नदी कि खडखडाहट के बीच स्थित यहाँ बड़ा भव्य आभास होता है। यहाँ हर शिवरात्रि पर बहुत भीड़ रहती है। पिकनिक के हिसाब से भी यह बहुत बढ़िया स्थल बनता है नहाने और मौज मस्ती के लिए। शहर से दूर आप काफी आनंद और अध्यात्मिक शान्ति का आभास कर सकते होता है । अब आप इस स्थल का दर्शन कर ले । ओम नमः शिवाय ।

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Sukharia – the land of the Mitra Mustafis

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The village of Sukharia is associated with the Mitra Mustafi family whose other settlements were in the villages of Ula Birnagar and Sripur. The Mitra Mustafi family is sometimes called the family of Dewans as most of the family members served in different positions in the revenue departments during the rule of the monarchy.

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Bienvenue à Jaipur: Ville Rose

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It was Wednesday evening when Sourabh came & asked to go out of Delhi on Weekend. Immediately everybody started looking at him & responded yes in a very strange way. This reaction was not due to the short notice for outing but everybody was surprised that he is not going home on the weekend. Without giving any thought to this idea, everybody said Yes & then asked where you want to go? Ultimately Jaipur was selected & we planned to leave early morning of Saturday.

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औरंगाबाद: अतीत के आईने में

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हम वहां के अत्यंत शांतिपूर्ण माहौल में पहुंचकर तथा औरंगजेब की कब्र के सामने खड़े होकर स्तब्ध तथा आश्चर्यचकित होकर आँखे फाड़ फाड़ कर देख रहे थे और सोच रहे थे……एक समय हिन्दुस्तान पर राज़  करने वाले बादशाह की कब्र…….इतनी साधारण…….इतनी सादगी लिए……….ऊपर छत भी नही……….हमारी इस जिज्ञासा को शांत किया वहीँ पर खड़े एक मौलाना रूपी गाइड ने.

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On The Ramayana Trail in Sri Lanka

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The high point of our yatra was the visit to Sigiriya, a UNESCO World Heritage Site. Sigiriya or Simha Giriya ( Lion Rock ) is a gigantic rock formation ( 660 ft high ) on top of which a complex capital city was built by one king Kashyap and which was said to have been later usurped by Ravana. Still later, it was used by Buddhists to promote their religion. The rock and its surroundings presents a unique concentration of urban planning, architecture, gardening, engineering, hydraulic technology and art.

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Maharashtra Jyotirlings – Aundha Nagnath, Baijnath and Grhrineshwar

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धर्मशाला में रूम का पता किया तो कोई 700 कोई 500 मांग रहा था, हालांकि वहां मन्दिर ट्रस्ट का धर्मशाला भी है वो मन्दिर के पीछे की और है और किसी पण्डित ने बताया की वहां सिर्फ 100 रुपए ही रुकने का किराया है, उन्ही पण्डित जी से हमने अभिषेक करवाने के लिए बात की तो वो भी हमारे साथ हो लिए की चलिए पहले आपको रूम की व्यवस्था करवाता हूँ फिर आराम से अभिषेक और पूजा के लिए चलना क्योंकि सोमवार होने की वजह से बाबा का पूजा अभिषेक 7 बजे तक करने की इजाजत मन्दिर प्रबन्धन देता है,

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