Religious

माँ चंडी देवी, हरद्वार की यात्रा

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माता के जिस स्वरूप की हम बात कर रहे है उसका थोड़ा व्याख्यान करना तो बनता है। तो प्रिय पाठकों माँ चंडी देवी का मंदिर नील पर्वत पर स्थित एक सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध है। कहा जाता है की आठवीं शताब्दी में प्रसिद्ध हिन्दू धर्म गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा माता की मूर्ति की स्थापना यहाँ पर की गयी थी। इस स्थान से जुडी एक पौराणिक कथा यह है की शुम्भ-निशुम्भ नामक राक्षसों, जिन्होंने इंद्रा का साम्राजय अपने अधिपत्य में ले लिया था, का वध करने के बाद माता चंडी देवी, जिनकी उत्पत्ति देवी पारवती के अंश से हुयी थी, यहाँ पर कुछ समय के लिए विश्राम करने हेतु रुकी थी।

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शिंगणापुर यात्रा – जहाँ शनि देव विराजते हैं

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आपको फिर बताना चाहूंगा की साई आश्रम में दर्शन की बायोमेट्रिक सिस्टम है जो में स्तिथ है और रिसेप्शन से सुविधा मिल जाती है ताकि अगर आपने ऑनलाइन पर्ची नहीं ली तो आप आश्रम में ही बॉयोमीट्रिक्स करवा के शाम या सुबह की मंदिर प्रवेश की पर्ची प्राप्त कर सकते हैं । इससे यह सुविधा मिलती है की आपको फिर मंदिर के गेट १ & २ के सामने लाइन से पर्ची लेने में जो समय लगेगा वह समय बच जायेगा और एक बार प्रसादालय से प्रसाद ज़रूर पाए, यह एक डिवाइन अनुभव होगा ।

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Dhanushkodi – No Land only Sand

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We reached Rameshwaram from Madurai about 3:00 PM, we planned to visit Rameshwaram temple in the morning, so we asked our taxi driver Kannan if there is any beach nearby, he nodded his head and said “Yeeessss” (I liked the way he used to say Yeeessss”), it is 13 kms from here and is called Dhanushkodi.
Well, we reached the beach in about 45 minutes, on the way, we also visited a temple where Lord Rama performed the “Raj Tilak” of Vibhishan. Kannan told us that this is the beach, it was very deserted. We found an Indian Navy post there, a tea stall and a snack shop. The Indian Ocean was beautiful, roaring and with high waves. We dared not go too deep inside and also asked the kids to stay off.

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शिरडी , जहाँ साई बसते हैं

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आपको बता दूँ की ऑनलाइन पर्ची वालों के लिए गेट नंबर ३ या शनि गेट से एंट्री होती है जलपान होने के बाद हमने मंदिर संसथान के सामने ऑटो करने का फैसला किया पर सामने तांगेवाले को देख के मन ललचा गया और बुक करके मंदिर की और चल पड़े, मंदिर संसथान से १ किमी दूर है और १००० मीटर आपको पैदल चलना होगा रस्ते में दुकान वाले आपको चादर और प्रसादी के लिए बोलेंगे पर आप सिर्फ चादर और गुलाब का फूल लीजियेगा क्योंकि बाबा को प्रसाद बाहर का नहीं चढ़ता सिर्फ फूल और चादर चढ़ती है,

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Holi at Holy Place of Mathura-Vrindavan

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When you will reach Temple, you can see people doing arti at Temple gate, as inside of Temple was quite crowded. Then everyone was entering inside through bit random queue, Priests were throwing colors on crowd, even everyone was throwing colors inside temple to show their happiness in celebrating holi with Lord Krishna, It’s an unbelievable experience to be a part of this event. When you are there you can’t see everything but just feel the blessing of that divine environment.

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हस्तिनापुर के राजा परीक्षित का शुक्रताल: मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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यहाँ पहुँचने के लिए गूगल मैप्स के भरोसे ना रहें क्यूंकि मैप में शुक्रताल को लोकेट नहीं किया जा सकता. वैसे रास्ता बहुत सरल है और मुज़फ्फरनगर बाई पास से मात्र ३५ मिनट में सुगमतापूर्वक आप शुक्रताल पहुँच सकते हैं.

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शिव खोडी – SHIV KHODI

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भोले बाबा के दर्शन करके, नीचे रन्सू में आकर के भोजन करके तृप्त हुए और जम्मू की और चल दिए. बारिश और आंधी तूफ़ान बहुत तेज था. पहाड़ के एक मोड पर हमारी बस कि टक्कर एक ट्रेक्टर ट्राली से हो गयी. वह टक्कर लगते ही पलट गयी. बस पीछे की  और खिसकने लगी. पीछे सैकड़ों फीट गहरी खाई थी.

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The Living Stone

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It is a very small temple which has sixty four Yogini figures placed inside the circular wall. Each Yogini has a name and special characteristic such as one with lion face, one with a monkey face, one standing on a human head or one standing in fire and so on. There are a few Yogini temples all over India and all are circular in shape depicting the ‘Yoni’.

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पार्वती घाटी (कुल्लू) में एकल (solo) घुमक्कड़ी — बिजली महादेव मंदिर, कुल्लू

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स्थानीय लोगों के अनुसार आकाश से गिरने वाली जोरदार बिजली भगवान महादेव के इस मंदिर में विराजमान पवित्र शिवलिंग पर गिरती है, जो इस पवित्र शिवलिंग को टुकड़ों में बिखेर देती है। बिजली से खंडित हुए शिवलिंग के आसपास गिरे टुकड़ों को एकत्रित करके मंदिर के पुजारी मक्खन की सहायता से शिवलिंग के टुकड़ों को फिर से शिवलिंग के आकर में जोड़ देते है. कुछ समय के पश्चात् चमत्कारी रूप से शिवलिंग अपने आप पहले की तरह पूर्ण रूप में परिवर्तित हो जाता है।

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Haridwar – Stairway to heaven revisited

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In the dead silence of the night, the gushing sound of the fast flowing river sounded like heavenly music. Soothing, mesmerizing and it deported you a heavenly bliss. It was like being hypnotized, lifting the spirits to incredible heights. I can’t recall when I went off to sleep; but when I got up early morning, I walked to the bank of the river and watched it flowing away gingerly. I have never forgotten that river sound since then.

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आस्था और सुन्दरता का संगम – स्वर्ण मंदिर अमृतसर

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आप को बता दू की अगर बॉर्डर देखने का मन हो तो सुबह या 12/1 बजे तक भीड़ बढ़ने से पहले हो आये ताकि इत्मीनान से देख सके और हो सकता है पाकिस्तानी रेंजर आपको चाय पानी पूछ ले…साधारण दिनों में बॉर्डर पे आपसी भाईचारा और मित्रता का माहौल रहता है दोनों और के सैनिको के मध्य..बातचीत हंसी मजाक..चलता रहता है.

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Mahabalipuram – ‘The Maha Destination’

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The boat jetty/flight of steps and the miniature shrine and the Varaha sculpture at the basement of the Shore Temple, which were discovered by the ASI between 1990 and 1993, were flooded. Controversies and debates among the archaeologists and historians still persist on the existence of similar structures, submerged into the sea.

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