Religious

Experiencing the Heart of India

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Hey there. I don’t know where to start. India has opened my eyes to a whole new culture I have never before seen. I’ve been born and brought up in Auckland, New Zealand, and often visit my home city Pune. However, this time, my relatives and I decided to visit the heart of Madhya Pradesh to get a historically and culturally rich experience. After having an initial debate on which places to go to, we came to the official conclusion of touring Khajuraho, Orchha and Gwalior.

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CHITRAKOOT DHAM : Janaki Kund, Sati Anusuya Asharm and Gupt Godavari

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This is a lovely stretch of water where it is believed that Sita Maa used to take her bath during her exile at Chitrakoot. Janaki kund poses extreme serenity and tranquility to the pilgrims coming here . Pilgrims visiting Chitrakoot seldom spare the chance to take a dip in Janaki Kund since they strongly believe that these waters are blessed to be the bathing ghat of Sita devi.

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Parli Vaidyanath / परली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन

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हम जब भी धार्मिक यात्रा पर जाते हैं तो हमारी हमेशा यही कोशिश रहती है की विश्राम स्थल मंदिर के जितना हो सके करीब हो, ताकि अपने प्रवास के दौरान हमारा जितनी बार मन करे उतनी बार हम भगवान् के दर्शन कर पायें, साथ ही साथ मन में यह संतुष्टि भी होती है की हम मंदिर के करीब रह रहे हैं, और हम मंदिर की सारी गतिविधियाँ देख पाते हैं.

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VAISHNO DEVI : Hotel and Helicopter Booking Information & Trek to Bhawan

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Next day early morning we woke up and headed towards the Banganga the Entrance to start the Vaishno Devi climb or Trek or foothills of Vaishno Devi Mountain. Before moving towards Banganga to start the Trek , one has to take a darshan receipt (parchi). For that the Shrine Board has made a separate counter. Unless you take the receipt ( parchi) you are not allowed to enter the trekking path or at Cave entrance. Sometimes in festive seasons even to get the receipt ( parchi )requires 2 – 3 hours. Yatra Registration Counter is located in a Town’s main circle called Main Chowk. From here itself one can go to Banganga which is around 1.5 to 2 kms. Here there are lot of Auto rickshaws available to go near Banganga at the rate of Rs. 50 .

After taking receipt we headed towards Banganga to start our final yatra. Initially we wanted to go via helicopter, but due to bad weather Helicopter services were stopped. So we thought of climbing 14 kms on our feet itself.Trek to Vaishno Devi is very steep but smooth till Ardhkuwari ( 5 kms ) . One becomes really tired climbing till here . After Ardhkuwari the road is less steep and can be covered by walking at a constant pace easily. There are two ways of reaching the main Shrine 1) Himkoti Marg, New one 2) Hathi Matha Marg, Old one . In both the paths again there were two bifurcations a) via plain slanting road b) via steps. We chose Himkoti slanting road for climbing and Hathi Matha marg via steps for climbing down.

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वीराने का अद्भुत सौदर्य-कच्छ का रण

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बचपन में भूगोल विषय में जब नक़्शे में रण ऑफ़ कच्छ देखते थे तो समझ नही आता था यहाँ क्या है.उस समय पर्यटन की सुविधाए नही थी तो आम जनमानस भी कच्छ की यात्रा नही कर पाते थे.अतः तब अधिक जानकारी भी उपलब्ध नही थी..समय गुजरा और पर्यटन में रूचि जागृत हुई तब कच्छ भी विश लिस्ट में आ गया.प्राथमिकता तब भी जाने माने पर्यटन क्षेत्र ही रहे.फिर महानायक के विज्ञापन आने शुरू हुए
“कच्छ नही देखा तो कुछ नही देखा”

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Shri Gajanan Maharaj Shegaon / शेगांव- श्री गजानन महाराज दर्शन भाग – 3 ( आनंद सागर उद्यान तथा ध्यान केंद्र दर्शन)

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आनंद सागर का नाम सर्वथा उपयूक्त है, ये सचमुच आनंद का सागर है | श्री गजानन महाराज के दर्शन करने के लिए आये उनके अनुयायी तथा भक्त स्वाभाविक रूप से इच्छुक होते है की वे यहाँ कुछ दिन रुके तथा संस्थान की धार्मिक, संस्कृतिक तथा शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लें, भक्तों की इस इच्छा को केंद्र में रखते हुए संस्थान ने उनके बचे हुए समय में उन्हें प्रकृति तथा अध्यात्म से जोड़ने के लिए एक उद्यान का विकास किया जिसे आनंद सागर नाम दिया गया और आज आनंद सागर का नाम देश के कुछ चुनिन्दा उद्यानों में शुमार है |

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Shri Gajanan Maharaj Shegaon / शेगांव- संत श्री गजानन महाराज दर्शन भाग 1 (स्थान परिचय एवं भौगोलिक स्थिति)

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पिछले वर्ष अक्टुबर में श्रीसैलम ज्योतिर्लिंग तथा तिरुपति बालाजी की यादगार यात्रा के बाद बहुत समय से किसी यात्रा का योग नहीं बना था, इधर एक लम्बे अरसे महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित संत श्री गजानन महाराज के पवित्र स्थान शेगांव के बारे में सुनते चले आ रहे थे और पिछले एक वर्ष से वहां जाने का मन बन रहा था, अंततः अपनी इस इच्छा को मूर्त रूप देने के प्रथम प्रयास के रूप में मैंने अपने परिवार के साथ शेगांव जाने के लिए अपने करीबी शहर महू से अकोला के लिए दिनांक 21 अक्टुबर का रेलवे का रिजर्वेशन करवा लिया।

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IMPORTANT TEMPLES OF VARANASI

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Tulsi Manas temple is one of the most famous temples of Varanasi. The Tulsi Manas temple is located near the famous Durga temple. It was built in white marble in the year 1964. The temple has been made more charming by the magnificent landscaping around it. The Tulsi Manas temple is dedicated to Lord Ram. It is believed to be built at the same place where Tulsidas wrote the famous Indian epic, Ramcharitamanas. The walls of the Tulsi Manas temple are engraved with verses and scenes from the Ramcharitammanas, the Awadhi ( Hindi) version of the Ramayana.

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हस्तिनापुर के राजा परीक्षित का शुक्रताल: मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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यहाँ पहुँचने के लिए गूगल मैप्स के भरोसे ना रहें क्यूंकि मैप में शुक्रताल को लोकेट नहीं किया जा सकता. वैसे रास्ता बहुत सरल है और मुज़फ्फरनगर बाई पास से मात्र ३५ मिनट में सुगमतापूर्वक आप शुक्रताल पहुँच सकते हैं.

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