Cities

Bath – The Classic Architectural Marvel

By

The bus-ride through southern England showcased the beautiful countryside; it pleases your eyes and soothes your soul with its soft contours of green hills and meadows. No rough edges or jagged ends to jab your field of vision. Occasionally you’ll find a cluster of trees as if to relieve the monotony. Looking out of the window one fails to notice that you didn’t blink for a long time. Bath is an eye soothing place to be in.

Read More

होल्कर साम्राज्य के भग्नावशेष – राजवाड़ा और छतरियां

By

इन्दौर राज्य में तीन-तीन तुकोजीराव हुए हैं, इनमें से किसके नाम पर तुकोजीगंज नामकरण हुआ है, यह तो मुझे नहीं मालूम पर हां, रंगीनमिजाज़ तुकोजीराव तृतीय के रंगीन किस्से इन्दौर वासियों की जुबान पर अब भी रहते हैं। उन्होंने तीन शादियां की थीं – सीनियर मोस्ट महारानी का नाम था – चन्द्रावती बाई। जूनियर महारानी थीं – इन्दिरा बाई । तीसरी वाली अमेरिकन युवती – नैंसी अन्ना मिलर थीं जिनके साथ 12 मार्च, 1928 को तुकोजीराव तृतीय ने विवाह रचाया। विवाह के बाद वह पूरी तरह भारतीय रंग-ढंग में ढल गई थीं और उनका विवाह भी शर्मिष्ठादेवी के रूप में नामकरण के बाद शुद्ध हिन्दू रीति-रिवाज़ के मुताबिक हुआ था। 1907 में अमेरिका के सियेटल शहर में जन्मी नैंसी ने तुकोजीराव होलकर को पांच संतानें दीं, चार पुत्रियां और एक पुत्र। शर्मिष्ठाबाई का देहान्त अभी 1995 में हुआ है। कहा जाता है कि तीन पत्नियों के बावजूद तुकोजीराव अमृतसर के एक कार्यक्रम में मुमताज़ बेगम का डांस देखकर उस पर आशिक हो गये और उसे इंदौर ले आये। वह तुकोजीराव के प्रेम को घास भी नहीं डालती थी और राजवाड़े से भागने के कई बार प्रयत्न किये और अन्ततः एक बार इन्दौर से मसूरी जाते हुए रास्ते में दिल्ली में निगाह बचा कर भागने में सफल भी होगई। बस, तुकोजी राव को बहुत बुरा लगा, एक तो प्रेम की दीवानगी और ऊपर से राजसी अहं को ठेस जो लग गई थी। उनके चेले-चपाटे अपने राजा को खुश करने के चक्कर में मुमताज़ बेगम की खोज खबर लेते रहे और अन्ततः पता लगा ही लिया कि वह मुंबई में किसी के साथ रहती है। बस जी, तुकोजी राव के कर्मचारी मुंबई के हैंगिंग गार्डन में पहुंच गये और वहां जो मारकाट मची उसमें उस व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई जिसके साथ मुमताज़ बेगम मुंबई में रहती थी और हैंगिंग गार्डन में घूम रही थी। अंग्रेज़ अधिकारियों ने इस कांड का पूरा फायदा उठाया और तुकोजीराव के दो कर्मचारियों को फांसी की सजा सुनाई गई और तुकोजीराव तृतीय को राज्य छोड़ना पड़ा। तुकोजीराव तृतीय की मृत्यु 1978 में पेरिस में हुई। उस समय वह 88 वर्ष के थे।

Read More

ग्वालियर में घुमक्कड़ी- जय विलास पैलेस

By

इन सीढ़ियों से उतर कर हम महल के दूसरे भाग में पहुँचते हैं।  यहाँ पर उस समय सवारी में प्रयुक्त होने वाल तरह -तरह की बग्घी रखी हुई हैं। यहाँ पर उस समय सवारी में प्रयुक्त होने वाल तरह -तरह की बग्घी , डोली आदि रखी हुई हैं।

इसके साथ  ही महल के दूसरे भाग में हम पहुँचते हैं जिसे दरबार हाल के नाम से जाना जाता है।  यहाँ पर राजसी भोजनालय है जहाँ पर एक साथ बहुत सारे लोगो के खाने की व्यवस्था है।  मेहमानों के  साथ यहीं पर खाना खाने का प्रबन्ध है।  दरबार हाल की चकाचौंध उस समय के राज घराने के वैभव और विलासिता की दास्तान कह रहे थे।  इसकी छत में लटके विशालकाय झाड़ – फानूस का वजन लगभग तीन – तीन टन है।  इसकी छत इसका वजन उठा पायेगी या नहीं इसलिए छत के ऊपर दस हाथियो को चढ़ा कर छत की मजबूती की जाँच की गई थी।  दरबार हाल में जाने की सीढ़ियों के किनारे लगी रेलिंग कांच के पायो पर टिकी हुई है।  एक गार्ड यहाँ पर बैठा दर्शको को यही आगाह करवा रहा था कि रेलिंग को न छुए।

Read More

Disneyland or Disneyworld?

By

“India Jones” ride, this ride was very exciting and adventurous, you pass through steep valleys, rail roads, and a big stone try to hit your Jeep etc. Next, we went to “Pirate of Caribbean’s” ride, I didn’t know about this movie until this ride, my wife liked it most. They make you sit in a boat, that boat give you a tour of pirate world and you also get to know something about movie. During the ride you always feel that at some point of time boat will take a sudden fall.

Read More

A Small Slice of Athens

By

The view of Athens from here is quite splendid. An immediate circle of red-tiled roofs gives way to more modern structures spread all around. Mt. Lycabettus sticks out of this jumble glowing under a slant of sunlight that has lanced through a cloudy sky.

Read More

Hawaii (Oahu Island): Part 1

By

Amongst the various sights we visited were the USS Arizona Memorial and the Battleship Bowfin. USS Arizona was a memorial built on top of the ship sunk and destroyed with around 700 people still on board. We were shown a historic video before a motorboat quickly took us to the USS Arizona.

Read More

Roma – where Gods still linger

By

As we walked towards Piazza Venezia,we were greeted by a majestic white monument. The Vittoriano built to honour Victor Emanuel II, the first king of Italy, offer some breathtaking views of Rome . Built of white marble, the monument invited controversy for destroying a large portion of the Capitoline Hill . It also has the Tomb of the Unknown Soldier.

Read More

Our Malaysia Trip…Genting highlands

By

The rains stopped but the clouds did buzz away. So only some of the rides were opened. The best was the Space Shot which takes you up to height of 185 feet and then with a sudden force brings you down with all the shouts and shrieks and a bizarre feeling of weightlessness. It was good fun!!

Read More

Holi at Holy Place of Mathura-Vrindavan

By

When you will reach Temple, you can see people doing arti at Temple gate, as inside of Temple was quite crowded. Then everyone was entering inside through bit random queue, Priests were throwing colors on crowd, even everyone was throwing colors inside temple to show their happiness in celebrating holi with Lord Krishna, It’s an unbelievable experience to be a part of this event. When you are there you can’t see everything but just feel the blessing of that divine environment.

Read More

Travel reminiscences from the 1970s …

By

अब के बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें,
जिस तरह सूखे हुए फूल, क़िताबों में मिले

While recently listening to the above gazal of Ahmad Faraz,by Mehdi Hassan,the line ”jis tarah sukhe hue phuul kitabon mein milen” jogged my memory about the old faded travel photographs of years gone by lying, for decades, in the trunk in the basement.

Read More

मेघालय – शिलोंग , स्कॉटलैंड ऑफ़ दी ईस्ट

By

जब हमने सुना कि एशिया का सबसे स्वच्छ गांव का पुरस्कार भारत के एक गांव ने जीता है और वो मेघालय में है तो मैंने इसे अपने प्लान में शामिल किया । लीविंग रूट ब्रिज देखने के बाद हम इस इस गांव में पहुंचे जो कि लीविंग रूट ब्रिज वाले गांव से 2 किमी दूर स्थित है।गाँव को साफ़ कैसे रख पाते है जबकि सैलानी आते जाते रहते है रोज़ खूब सारे।

Read More
स्तूप

अरुणाचल प्रदेश

By

स्नानादि पश्च्यात 10 बजे शहर से लगभग 6 किमी की दूरी पर एक सुन्दर सी जगह है गंगा लेक( स्थानीय भाषा में Gyakar Sinyi )(झील के साथ एक मिथक जुड़ा हुआ है कि यह झील शापित है और रात के समय कोई भी इस स्थान पर जाने की हिम्मत नही करता) …एक पहाड़ ऊपर के अंतिम सिरे पर एक झील है जहा घुमावदार रास्तो से होके पंहुचा जाता है।

Read More