09 Sep

एशिया का एकमात्र टैंक म्यूजियम , अहमदनगर टैंक म्यूजियम

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सारा परिसर कई प्रकार के टैंकों से भरा था. मगर मेरी नज़र किसी भारतीय टैंक को ढूँढने में लगी हुई थी. अंत में उसी परिसर में एक भारतीय टैंक सुशोभित दिखाई दिया, जिसका नाम “Vijayanta” था. यह टैंक सेंचुरियन टैंकों की श्रेणी का था, जिसे सम्पूर्ण रूप से भारत में बनाया गया था. यह १९६६ में सेना में शामिल हुआ और २००४ में इसे सेवानिवृत किया गया. १९७१ के युद्ध में इसने अहम् भूमिका निभाई. पर उससे भी ज्यादा गौरव की बात यह है कि इसी टैंक ने भारत को टैंकों की दुनिया में निर्माणकर्ता राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल कर दिया. अहमदनगर टैंक म्यूजियमअद्भुत थी.

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Kanyakumari to Kovalam sightseeing

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I was getting nostalgic and remembering my goa days. The hotel manager was very nice, I did speak to him to seek further guidance, he advised us to take car to the light house from other side and not to walk in the sun to take the stairs. He offered to stay for 1 night there. Indeed a good idea to spend one night in kovalam. However, we had our luggage in Kanyakumari so we cannot stay there. We had to move on.

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दिल्ली से हाटु पीक नारकंडा की बाइक यात्रा

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हाटु पीक से करीब दो किलोमीटर पहले से ही सड़क पूरी तरह से बर्फ से ढकी हुई थी और जैसे ही हमने उसके ऊपर बाइक चलाने की कोशिश की, बाइक आगे जाने की बजाय पीछे की तरफ फिसलने लगी। हमारे पीछे कुछ फ़ीट पर खाई थी और रोकने के बावजूद बाइक पीछे की तरफ फिसल रही थी इसलिए मैंने बाइक को दाहिने हाथ के तरफ गिरा दिया जिससे बाइक का हैंडल बर्फ में धंस गया और बाइक रुक गयी।

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अंजनेरी पर्वत की पदयात्रा

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पर्वत की तलहटी वहाँ से लगभग २ किलोमीटर दूर थी. वहाँ तक का रास्ता घुमावदार, पथरीला और उबड़-खाबड़ था. उस पर चलने वाली गाड़ियाँ भयानक हिचकोले ले रहीं थी. पर पदयात्री की लिए, उस मौसम में, वह रास्ता बेहद ख़ूबसूरत नज़ारा पेश कर रहा था. मैं धरती पर नीचे उतर आये बादलों के बीच चल रहा था, पौधों और वृक्षों से हरे हो चुके पहाड़ों को निहार रहा था, कलकल बहने वाले झरनों की आवाज सुन रहा था, उन्मुक्त स्वच्छ हवा में साँसे ले रहा था. ऐसे में सड़कों का पथरीला होना क्या महत्व रखता है? तीन-चार घुमाव के बाद रास्ता समतल हो गया. अब तो प्रकृति की छटा देखते ही बनती थी. बस एक तस्वीर की कल्पना कीजिये

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मोटरसाइकिल से दिल्ली – मंसूरी /धनोल्टी यात्रा

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सहस्त्रधारा में अंदर घुसते ही 10 रूपये/बाइक एंट्री फीस लगती है जो हमने दिया और अंदर चले गए. वहाँ जाकर हमने बाइक को एक दुकान के आगे खड़ा किया और दुकान वाले से दो लॉकर किराये पर लिया (50 रूपये एक लाकर ). अपना बैग और सामान लाकर के अंदर रखने के बाद हमने दुकान वाले को चाय नाश्ता के लिए बोला और पानी में नहाने के लिए चले गए.

अंदर पानी बहुत ही ठंडा था और वहाँ पर स्थानीय लोगो ने जगह-जगह दिवार बनायी थी इसलिए वह किसी स्विमिंग पूल की तरह दिख रहा था.
थोड़ी देर नहाने के बाद हम लोगो ने सहस्त्रधारा किनारे बैठ के चाय और परांठे खाये।

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Trip to Auli-Joshimath-Badrinath-Mana

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We hired a car to drop us to the ‘MANA VILLAGE’, 3 kms from badrinath then it was a walking distance of 1km to reach for ‘Vyas gufa’ where it is believed that ‘Vyas ji’ wrote ‘Mahabharata’. Walking more, made us reach a hill in the shape of a book, VYAS POTHI where ved vyas ji worked on the 17 ‘adhyaya’ and finding himself not so satisfied, created the 18th one there walking more, took us to the ‘Bheempul’ where Bheem kept a large stone on the ‘Saraswati nadi’ to help Draupadi cross the river. Saraswati river is really scary the sound of the flowing water was a roar with the help of some snacks, chilled water, our stomachs were not starving.

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मुंबई की गुफाएँ – जोगेश्वरी देवी की खोज में

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इतने में कुछ विदेशी पर्यटक आ गए. बड़े-बड़े कैमरों के साथ. वे भी हनुमान मंदिर की तरफ जा रहे थे. मैं भी उनके पीछे चल पड़ा. वो रास्ता एक बड़े-से आँगन से हो कर जाता था, जिसके दोनों तरफ गुफ़ाएँ बनीं हुईं थीं. मेरे पुरोहित ने बताया था कि वर्तमान का वो आँगन पूर्व-काल में गुफ़ा ही था, जिसकी छत कालांतर में गिर चुकी थी. अगर वह गुफा का हिस्सा था, तब तो एक जमाने में वह गुफा बहुत-ही विशाल रही होगी. खैर आँगन से गुजर कर हम हनुमान-मंदिर पहुँचे और वहां दर्शन किया. मंदिर एक गुफा में बना हुआ था. कोई ज्यादा लोग नहीं थे. वहां से तुरंत ही सभी निकल पड़े और फिर गणेश मंदिर तक आये. वह नजदीक ही था. वह भी एक गुफा में बना हुआ था.

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Going Crazy in Mukteshwar and Nainital

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Nainital was just 10 kms from Bhowali and the road went uphill. So we decided to board the cab at last. Nainital meant the usual activity of walking around the Naini Lake, One hour in peddle boats and a shopping spree on the mall road.

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Neemrana to Bundi: In search of Indian step wells – Part 1

Neemrana to Bundi: In search of Indian step wells – Part 1

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But leaving the roads apart, when I entered Chand Baori, a WOW just came out from my mouth. I mean Neemrana Stepwell was massive, but this one is like some aliens came to build it. This stepwell is enormous and mind-blowing & now I understand that why a scene of Batman 2008 was filmed here. There is no parallel of such structure in India.

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