naina devi

एक सुहाना सफ़र मनाली का – अम्बाला, रोपड़ के रास्ते माँ नैना देवी के भवन (भाग १ )

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वहाँ चाय पीने के दोरान पता लगा की वहाँ से “नैना देवी” का मंदिर पास में ही है, तो सर्व सहमति से निर्णय लिया गया की पहले नैना देवी के दर्शन कर लेते है फिर आगे का सफ़र तय करा जायेगा . ढाबे से निकलने के बाद हमारा अगला उद्देश्य नैना देवी का मंदिर था, थोड़ी देर में शायद आनंदपुर साहिब से आगे निकलने पर हमें पहाड़िया मिलनी शुरू हो गयी जिन्हे देखकर हम सभी की ख़ुशी का कोई ठीकाना ही नहीं था, पहाड़ियो पर गाड़ी तो जीजा जी चला रहे थे पर अब हम भी पीछे की सीट पर सतर्क मुद्रा में बेठ कर ध्यान आगे के रास्ते पर लगाये हुए थे और सुन्दर नजरो का आनंद लिए जा रहे थे।

थोड़ी देर में हम पूछते पाछते नैना देवी के मंदिर के नीचे तक पहुच गए थे जहा पर गाड़िया बड़ी ही बेतरतीब से पार्क करी हुई थी, वहाँ मूलत जो पार्किंग थी वो बड़ी ही सीढ़ी सी पहाड़ी पर ऊपर जाकर थी जहाँ गाड़ी चढ़ाने की हिम्मत दिखने की हमने सोचा तक नहीं और वही पहाड़ी के नीचे ही और गाडियो की तरह ही हम भी आपनी गाड़ी एक तरफ खड़ी करके और सामने दुकान पर बेठी एक आंटी को कुछ पैसे देकर गाड़ी की देखभाल करने का बोल कर नंगे पैर माता के दर्शन को चल दिए।

सामने से देखने पर कुछ दुकानो के छोटे से झुण्ड की तरह दिखने वाले रास्ते से होते हुए हम आगे बढ़े तो मंदिर तक पहुचने के लिए सीडिया शुरू हो जाती है, वही ऊपर की तरफ चढ़ते हुए ही हमें कुछ भक्त देवी माँ की बड़ी सी छड़ी लेकर देवी के दरबार में जाते हुए दिखे जो की बड़े ही सुन्दर माँ के भजन गाते हुए जा रहे थे।

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Rewalsar Lake – चोरी-चोरी जब…..

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I had fallen in love with Rewalsar Lake when I saw Vidhu Vinod Chopra’s film “KAREEB”. I had travelled on Manali route many times, but no one ever told me about this lake. After seeing Kareed, in 2004 I alongwith Laxman while coming back from
Jwalaji visited this beautiful lake and missed our families then.

Rewalsar lake is initially connected to Lomash Rishi, who had been searching for a place for his tapasya, and who was told by Lord Shiva about Rewalsar, which is abode of gods and various gods reside there as flowers, trees, fishes and water bodies. Rishi Lomash came to Rewalsar and did his penance. There is an ancient temple of Lomash Rishi on the bank of the lake, and perahps the first ever temple here.

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Himachal Yatra – Naina Devi

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We reached Anandpur Sahib..brought our car near the main KeshGarh Sahib, clicked some fotos. Anandpur Sahib Gurudwara is a historical place where Guru Gobind Singhji started the Khalsa Panthh to fight against the tyranny of invaders. BUT at the same place Khalistan was also declared by separatists and traitors. The Gurudwara has a complex of many gurudwaras and KeshGarh Sahib is the biggest. Since we had to reach Jwalaji today itself, we postponed the visit to Anandpur Sahib for return journey.

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