Devbhoomi hills of uttarakhand

अन्नू भाई चला चकराता – पम्म पम्म पम्म – लाखामंडल

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कभी गाडी से इधर झांक, कभी उधर झांक | देखते के कुछ समझ आ जाए , क्यूंकि आगे तो हम लगातार देखे ही रहें थे आख्ने फाड़ें ,    हा हा हा …वहां गाड़ी की हेड लाइट की रोशनी में जो कुछ एक दो मीटर तक दिख रहा था बस समझो उस समय वही हमारी दुनिया थी बाकी तो कुछ दिख ही नहीं रहा था,थोड़ी देर बाद हमें खुद मालुम नहीं की कब कहाँ दो चार मकानो के बीच से होकर हमारी वो पथरीली सड़क गुजर रही थी (अँधेरा होने के कारण ) तब गाड़ी रोकी … वहीँ एक दो आदमी मिले। एक सज्जन से परिचय होने पर उन्होने बताया के वो रहने वाले तो बड़ोत (UP) के ही हैं।   यहाँ उनकी  पुरानी जमींन है, सो यहाँ भी रहते हैं।  वहीँ एक घर में भी बनी छोटी सी दूकान से दर्जनों  “पारले जी ” की बिस्कुट के पैकेट खरीद अन्नू और प्रवीण बाबू तो बिजी हो गए …..मै  वैसे भी भी बिस्कुट नहीं खाता और गाडी भी चला रहा था।  सो उन साहब से बातचीत कर आगे का हाल चाल और रास्ते का ब्यौरा ले चल पड़ा।

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Visit to Lansdowne – A journey unforgettable

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I don’t know why but it stuck to me like super glue and the first thing on reaching office was to google Lansdowne. Within 10 minutes I had decided that our weekend destination would be Lansdowne and not Rishikesh as they are at the same distance from Delhi.

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माँ सुरकंडा देवी और धनौल्टी की यात्रा

माँ सुरकंडा देवी और धनौल्टी की यात्रा

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इस स्थान से आगे निकलते ही घने बुरांश के और देव दार के जंगल शुरू हो जाते हैं. और गढ़वाल की ऊँची चोटियों के भी दर्शन हो सकते थे पर उस ओर कोहरा छाया हुआ था. यह क्षेत्र बुरांशखंडा के नाम से भी मशहूर हैं. बुरांश के पेड़ यंहा पर बहुतायत पाए जाते हैं. बुरांश का फूल उत्तराखंड का राजकीय फूल हैं. इससे जैम, जैली, शरबत, व विभिन्न आयुर्वेदिक दवाए बनायी जाती हैं. इन दिनों उत्तरखंड की पहाडिया इन फूलो से भरी रहती हैं.

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अनजान सफ़र :  गंगोत्री – श्रीनगर – पौड़ी – यात्रा का समापन

अनजान सफ़र : गंगोत्री – श्रीनगर – पौड़ी – यात्रा का समापन

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“मंदिर का निर्माण एक पवित्र शिला पर हुआ है जहां परंपरागत रूप से राजा भागीरथ, महादेव की पूजा किया करते थे। यह वर्गाकार एवं छोटा भवन 12 फीट ऊंचा है जो शीर्ष पर गोलाकार है जैसा कि पहाड़ियों के मंदिरों में सामान्यतः रहता है। यह बिल्कुल समतल, लाल धुमाव के साथ सफेद रंग का है जिसके ऊपर खरबूजे की शक्ल का एक तुर्की टोपी की तरह शीखर रखा है।

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अनजान सफ़र : उत्तरकाशी – गंगोत्री – गौमुख

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गंगोत्री हिंदुओं के पावन चार धामों मे से एक है इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व सभी को आलौकिक करता है धार्मिक संदर्भ के अनुसार राजा सगर ने देवलोक पर विजय प्राप्त करने के लिये एक यज्ञ किया यज्ञ का घोडा़ इंद्र ने चुरा लिया राजा सगर के सारे पुत्र घोड़े की खोज में निकल पडे.

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