Muzzafarnagar

सरधना– मैरी का चर्च, बेगम सुमरू और उनका राजप्रासाद

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गेट के निकट ही गाड़ी दीवार से सटाकर खड़ी कर हम अपना कैमरे का बैग और पानी की बोतल लिए एंट्री को तैयार थे, लेकिन गेट पर तैनात दो लोगों ने रोकते हुए साफ़ पूछा कि “क्या आप लोग कैथोलिक हैं?”, हम प्रश्न के लिए तैयार नहीं थे, फिर भी हमने दृढ़ता से उनके प्रश्न का नकारात्मक उत्तर देते हुए अपनी सम्बद्धता स्पष्ट की. पर उसने हमें साफ़ तौर से एंट्री देने से मना कर दिया. कारण: संडे के दिन १२ बजे तक का समय प्रार्थना के लिए निर्धारित है और उसमे केवल क्रिस्चियन ही जा सकते हैं. और भी तमाम लोग एंट्री की अपेक्षा में वहां मौजूद थे.

कुछ देर बाद फिर से प्रयास करने पर गेटमैन ने एंट्री दे दी हालाँकि अभी १२ बजने में लगभग २० मिनट शेष थे.

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हस्तिनापुर के राजा परीक्षित का शुक्रताल: मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

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यहाँ पहुँचने के लिए गूगल मैप्स के भरोसे ना रहें क्यूंकि मैप में शुक्रताल को लोकेट नहीं किया जा सकता. वैसे रास्ता बहुत सरल है और मुज़फ्फरनगर बाई पास से मात्र ३५ मिनट में सुगमतापूर्वक आप शुक्रताल पहुँच सकते हैं.

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