वीराने का अदà¥à¤à¥à¤¤ सौदरà¥à¤¯-कचà¥à¤› का रण
बचपन में à¤à¥‚गोल विषय में जब नक़à¥à¤¶à¥‡ में रण ऑफ़ कचà¥à¤› देखते थे तो समठनही आता था यहाठकà¥à¤¯à¤¾ है.उस समय परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤ नही थी तो आम जनमानस à¤à¥€ कचà¥à¤› की यातà¥à¤°à¤¾ नही कर पाते थे.अतः तब अधिक जानकारी à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ नही थी..समय गà¥à¤œà¤°à¤¾ और परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ में रूचि जागृत हà¥à¤ˆ तब कचà¥à¤› à¤à¥€ विश लिसà¥à¤Ÿ में आ गया.पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता तब à¤à¥€ जाने माने परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° ही रहे.फिर महानायक के विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨ आने शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤
“कचà¥à¤› नही देखा तो कà¥à¤› नही देखा”