घुमक्कड़ की दिल्ली : तीन मूर्ति भवन

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तारामंडल के बीचो-बीच एक विशेष प्रकार के प्रोजेक्टर ने धीरे-धीरे क्रियाशील होकर गोलाकार छत रुपी परदे को अपने प्रकाश से ढक दिया. आकाशगंगा, तारामंडल, ग्रह-नक्षत्र आदि ब्रह्मांडीय आकृतियों ने प्रकट होकर तारामंडल की छत को वास्तविक आकाश के रूप में परिवर्तित कर दिया. ब्रह्मांडीय खगोल की क्रियाओं जैसे ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, तारों के बनने नष्ट होने की प्रक्रिया, आकाशगंगा का बनना, ग्रह नक्षत्र, सौर परिवार के ग्रहों के आपसी सम्बन्ध और उनकी गति, भ्रमण, परिक्रमा आदि अनेक जानकारियों को बिखेरता हुआ तारामंडल का शो प्रगति पर था. ब्रह्माण्ड के नक्षत्र, आकाशगंगा, सौर परिवार और ग्रहों आदि को अच्छी प्रकार से समझने हेतु तारामंडल विशेष उपयोगी है.

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