Pink City

In memories : Jaipur, the Pink City (Part 1)

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Jaipur is renowned for its colorful markets, gorgeous handlooms and wonderfully laid out gardens. The people are very cheerful and friendly. Don’t forget to try the famous Rajasthan delicacies including the thali. Rajasthani arts and handicrafts are things that you can’t afford to miss.

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चोखी-ढाणी, पुलिया और राम-राम सा का देस: जयपुर

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बात जब सड़क की हो रही है तो ट्रेफ्फिक और पुलिस की भी कर लें, यूँ लगता है जैसे जयपुर का सारा पुलिस अमला केवल परिवहन की व्यवस्था के लिए ही जिम्मेदार हो ! और ऐसे में यदि आपकी गाडी की नम्बर-प्लेट हरियाणा की है तो सावधान रहिये ! सीट-बेल्ट, मोबाइल पर बात करना, रेड लाइट पार कर जाना… भले ही आपके आस-पास से राजस्थान की अनेक गाड़ियाँ निकल जाएँ पर रोका केवल आपको ही जाएगा ! जयपुर में ऐसे बहुत से खट्टे-मीठे अनुभव हुए और कई बार तो ना चाहते हुए कुछ समझौते भी करने पड़े, एक तो पराया शहर, ऊपर से गाड़ी किसी और की… अपना शहर हो तो झेल भी लें पर यहाँ… समय की भी बंदिश है, परिवार भी साथ है, और इस कमज़ोर नस को हमारे भाई लोग भी बखूबी पहचानते हैं… एक बार तो थक हार कर एक हवलदार से तंज़ भी करना पड़ा, यूँ तो कहते हो ‘पधारो म्हारे देस’ और जब कोई सचमुच पधार ही जाये तो सारे मिलकर उसे लूटने में ही लग जाते हो…. बहरहाल ये बातें तो देश के हर हिस्से में हर किसी के साथ घटती ही रहती हैं, तो आइये अब आगे बढ़ते हैं…

चलिए ऐसा करते हैं, ज़रा शुरू से शुरुआत करते हैं, सोमेश एक छोटे भाई के अलावा एक बेहतरीन मेहमान नवाज़ भी निकला और साफ़ कह दिया कि बिना नाश्ते के नही जाना, दो-दो भाभियाँ हैं मिलकर बना लेंगी बाकी दिन भर आप जो मर्जी खाते रहना और फिर उसने हमे एक कागज़ पर घूमने की जगहों के अलावा उन सभी मशहूर जगहों और खान-पान के ठिकानों का पता भी दे दिया जो जयपुर में अपनी विशिष्टता रखते हैं ! इनमे से सबसे बेहतरीन था ‘स्टेचू सर्कल’ पर रात को क़ाफ़ी पीते हुये ‘हैंग आउट’ करना, जिसे आप जयपुर का मिनी इंडिया-गेट भी कह सकते हैं | सवाई जय सिंह का बुत लगा यह चौक स्थानीय तथा पर्यटकों के लिये एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है |

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A Glimpse Of Jaipur

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Upon entering the walled city, we were immediately accosted by each and every shopkeeper of each and every shop in the myriad bazaars within. This was annoying enough for us as Indians. It must be downright intimidating for the foreigners.

The shopkeepers aggressive sales pitch were a big put off. Having said that, I could see why Jaipur is called a shoppers paradise. Though most of the wares on offer were touristy tat, there was certainly a huge variety of some rather good tat as well. I succumbed and did not leave without my fair share of purchases though I would have bought a lot more had it not been such a nuisance having to bargain fiercely in every store. Initial prices quoted anywhere were at least 3 to 4 times higher than the final settled amount. The haggling became just too much of an effort and I decided not to buy anything more. The Jaipur traders are geared to sell to the foreign tourist though I doubt that most foreigners would pay such steep prices, they probably drive a much harder bargain than we do. One cannot even walk in peace without being constantly assailed by men beseeching you to enter their shops.

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