Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

May 20, 2013 By: Ritesh Gupta Category: 04 April, 05 May, 06 June, 10 October, 11 November, Best Time, Hills, Nainital, Nature, Uttarakhand

Table of contents for सुहाना सफ़र कुमाऊँ का

  1. Train Travel to Popular Hill Station → Nainital (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..1)
  2. Nainital → Glittering Jewel in the Himalayan Mountains (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….2)
  3. Nainital→ Beautiful view point of the city (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….3)
  4. Bhimtal→Amazing Lake with Island & Naukuchiatal→Nine Cornered Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…4)
  5. Sattal→Most Beautiful Lake of Kumaun (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5)
  6. Nainital → Shri Nainadevi Temple & Shri Kainchi Dham Temple (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6 )
  7. Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)
  8. Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)
  9. Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)
  10. Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)
  11. Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)
  12. Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

प्रिय मित्रों और पाठकगणों – नमस्कार…. !

कुमाऊँ श्रृंखला के पिछले लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11) में मैंने कुमाऊँ के जागेश्वर धाम की यात्रा का वर्णन आप सबके सम्मुख प्रस्तुत किया था । अब इस कुमाऊं श्रृंखला इस अंतिम कड़ी में प्रस्तुत है, नैनीताल की खूबसूरत झील की चारों तरफ का पैदल यात्रा वृतांत और मेरी इस सम्पूर्ण कुमाऊं यात्रा श्रृंखला का सारांश।

जागेश्वर की एक दुकान से एक लीटर पेट्रोल कार में डालकर हम लोग अपने वापिसी के सफ़र पर चल दिए । करीब तीस किलोमीटर पहाड़ी रास्ते का सफ़रतय कर हम लोग दो बजे के आसपास अल्मोड़ा पहुँच गए । वहाँ पर एक पेट्रोल पम्प से टैक्सी कार में पेट्रोल भरवा कर फिर चल दिए । पेट्रोल पम्प से बाहर निकलते ही देखा का अल्मोड़ा की पहाड़ की खाई की तरफ की सड़क कटने काफी नीचे धंस गयी और कुछ दुकाने भी इसके लपेटे में आ गयी थी , हम लोग सड़क के सुरक्षित हिस्से होते हुए अपने आगे की यात्रा पर निकल गए । सुबह हम लोग केवल नाश्ता करके ही चले थे, सो काफी देर चलने के बाद हम लोगो को भूख सताने लगी तो रास्ते में पहाड़ी गाँव के पास एक अच्छे से ढाबे को देखकर कार को रुकवा दिया और उस ढाबे में स्वादिष्ट भोजन करने के बाद NH-37 से फिर नैनीताल की तरफ अग्रसर हो लिए ।

रास्ते में हमे कोसी नदी पर पड़ने वाला वही पुल मिला जहाँ से आते में हम लोग रानीखेत के लिए मुड़े थे, इसी तरह रास्ते की सुंदरता का अवलोकन करते हुए, कैंची धाम और भोवाली होते हुए शाम के साढ़े चार बजे के आसपास हम लोग नैनीताल पहुँच गए ।

Tallital Chowk of Nainital (यह नैनीताल का व्यस्तम तल्लीताल चौराहा )

Tallital Chowk of Nainital (यह नैनीताल का व्यस्तम तल्लीताल चौराहा )


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Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)

April 25, 2013 By: Ritesh Gupta Category: 01 January, 02 February, 04 April, 05 May, 06 June, 11 November, 12 December, Almora, Best Time, Hills, Jageshwar, Religious, Uttarakhand

Table of contents for सुहाना सफ़र कुमाऊँ का

  1. Train Travel to Popular Hill Station → Nainital (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..1)
  2. Nainital → Glittering Jewel in the Himalayan Mountains (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….2)
  3. Nainital→ Beautiful view point of the city (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….3)
  4. Bhimtal→Amazing Lake with Island & Naukuchiatal→Nine Cornered Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…4)
  5. Sattal→Most Beautiful Lake of Kumaun (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5)
  6. Nainital → Shri Nainadevi Temple & Shri Kainchi Dham Temple (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6 )
  7. Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)
  8. Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)
  9. Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)
  10. Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)
  11. Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)
  12. Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

प्रिय मित्रों और पाठकगणों – जय भोलेनाथ की…. !

कुमाऊँ श्रृंखला के पिछले लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..10) में मैंने कुमाऊँ के प्रसिद्ध भगवान शिव की गुफा मंदिर पाताल भुवनेश्वर की यात्रा का वर्णन किया था । इस कुमाऊँ श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए अब चलते हैं, पाताल भुवनेश्वर से उत्तराखंड के कुमाऊँ में अल्मोड़ा के नजदीक कैलाश-मानसरोवर जाने वाले पुराने मार्ग पर स्थित एक ऐसे स्थल पर जो भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के रूप में भी जाना हैं और वह स्थल हैं, प्रसिद्ध नागर शैली में निर्मित भगवान शिव के अति-प्राचीन स्थल ” जागेश्वर धाम ” मंदिर ।

पाताल भुवनेश्वर की गुफा के दर्शन करने के पश्चात हम लोगो ने काउंटर से अपने मोबाईल और कैमरे वापिस लिए कि तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गयी । वहाँ पर दर्शन हेतु आये अधिकतर लोग वापिस जा चुके थे पर हम लोग मूसलाधार बारिश के कारण वही फँस गए । बारिश से बचने के लिए हम लोग वही मंदिर के टिनशेड के नीचे बैठ गए । लगभग आधा घंटे से ऊपर हम लोग तेज बारिश के कारण वही बैठे रहे और मंदिर कमेटी के लोगो से वार्तालाप करते रहे । उनमे से एक व्यक्ति यह जानकर बहुत प्रसन्न हुआ की हम लोग आगरा से आये हुए क्योंकि वह व्यक्ति आगरा में कई साल नौकरी कर चुका था । खैर शाम के पांच बजे के आसपास तेज बारिश आलम धीरे-धीरे थमा और हम लोग वापिस गेस्ट हाउस की तरफ चल दिये ।

A Panoramic View from KMVN Guest House, Patal Bhuvneshwar (यह गेस्ट हाउस से दिखने वाला पहाड़ों का दिलकश नजारा, शायद कही खो ना जाऊ इन नाजारो में )

A Panoramic View from KMVN Guest House, Patal Bhuvneshwar
(यह गेस्ट हाउस से दिखने वाला पहाड़ों का दिलकश नजारा, शायद कही खो ना जाऊ इन नाजारो में )

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Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)

March 18, 2013 By: Ritesh Gupta Category: 04 April, 05 May, 06 June, 09 September, 10 October, Best Time, Hills, Nature, Patal Bhubneshwar, Religious, Uttarakhand

Table of contents for सुहाना सफ़र कुमाऊँ का

  1. Train Travel to Popular Hill Station → Nainital (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..1)
  2. Nainital → Glittering Jewel in the Himalayan Mountains (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….2)
  3. Nainital→ Beautiful view point of the city (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….3)
  4. Bhimtal→Amazing Lake with Island & Naukuchiatal→Nine Cornered Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…4)
  5. Sattal→Most Beautiful Lake of Kumaun (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5)
  6. Nainital → Shri Nainadevi Temple & Shri Kainchi Dham Temple (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6 )
  7. Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)
  8. Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)
  9. Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)
  10. Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)
  11. Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)
  12. Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

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“ॐ त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनं।
उर्वारुकमिव बंधनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।

प्रिय मित्रों और पाठकगणों को नमस्कार !

अपने कुमाऊँ श्रृंखला के पिछले लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9) में मैंने प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल कौसानी और बैजनाथ मंदिर यात्रा का उल्लेख किया था । इस कुमाऊँ श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए चलते हैं, कुमाऊँ का एक ऐसा स्थान पर जहाँ पर भगवान शिव अपने तैतीस करोड़ देवी-देवताओं के साथ पहाड़ के गर्भ में पाताल के अंदर एक गहरी गुफा में विराजमान हैं, उस जगह का नाम हैं “पाताल भुवनेश्वर” । आईये चलते हैं, पाताल भुवनेश्वर की अचंभित कर देने वाली पवित्र गुफा की यात्रा पर ।

समय लगभग दिन के सवा ग्यारह बजे का होगा । बागेश्वर के सर्विस सेंटर में टैक्सी कार को सही कराने के बाद हम लोग गाड़ी की खराब होने वाली समस्या से चिंता मुक्त होने के बाद अपने आगे की यात्रा पर चल दिए । यहाँ से हम लोगो का अगला कदम पाताल भुवनेश्वर जाकर पाताल में स्थित पवित्र गुफा के दर्शन करने का था । बागेश्वर के चौराहे पर आने के बाद थोड़ा आगे जाकर सरयू नदी पर बने पुल को पार करने बाद इसी रास्ते पर चलते रहे । यह सड़क मार्ग काफी अच्छा, सपाट, गड्डे रहित और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर था । रास्ते के दोनो तरफ पाइन के जंगल और उनके बीच से जाता घुमावदार रास्ता और मौसम के ठंडक मन को बड़ा ही सुकुन पंहुचा रही थी ।

Nice looking... Pine Forest on the way (चीड़ के जंगलो का मनमोहक साम्राज्य  )

Nice looking… Pine Forest on the way (चीड़ के जंगलो का मनमोहक साम्राज्य )

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Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)

February 08, 2013 By: Ritesh Gupta Category: 03 March, 04 April, 05 May, 06 June, 10 October, 11 November, Bageshwar, Best Time, Hills, Historical, Kausani, Nainital, Nature, Ranikhet, StatesOfIndia, Theme, Uttarakhand

Table of contents for सुहाना सफ़र कुमाऊँ का

  1. Train Travel to Popular Hill Station → Nainital (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..1)
  2. Nainital → Glittering Jewel in the Himalayan Mountains (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….2)
  3. Nainital→ Beautiful view point of the city (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….3)
  4. Bhimtal→Amazing Lake with Island & Naukuchiatal→Nine Cornered Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…4)
  5. Sattal→Most Beautiful Lake of Kumaun (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5)
  6. Nainital → Shri Nainadevi Temple & Shri Kainchi Dham Temple (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6 )
  7. Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)
  8. Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)
  9. Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)
  10. Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)
  11. Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)
  12. Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

प्रिय मित्रों और पाठकगणों को नमस्कार !

अपने पिछले लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8) में मैंने प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल रानीखेत और वहाँ के विभिन्न स्थानों का उल्लेख किया था । इस कुमाऊँ श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए अब रानीखेत से निकलकर चलते हैं, कुमाऊँ का स्वर्ग कहा जाने वाला छोटा पर प्रसिद्ध पर्वतीय नगर “कौसानी का सूर्योदय और प्राचीन बैजनाथ मंदिर” की यात्रा पर ।

अगले दिन (27-जून) हम लोग सुबह पांच बजे के आसपास उठ गए । कौसानी की यह सुबह काफी ठंडी थी, हम लोग अपने कमरे से बाहर आकार सूर्योदय (Kausani Sunrise) देखने आश्रम के प्राथर्ना कक्ष के तरफ कौसानी घाटी देखने के लिए बने एक खाली स्थान (Anasakti Mountain View Point) पर आ गए । जब हमलोग इस यहाँ पहुंचे उससे पहले ही यहाँ पर प्रकृति का अदभुत नजारा मतलब कौसानी का सूर्योदय देखने के लिए काफी लोग पहले से ही अपना डेरा जमाये बैठे थे । सूर्यदेव की आने की आहट से धीरे-धीरे दूर घाटी में उजाला होना लगा पर बादलों और धुंध के कारण हिमान्छदित हिमालय की चोटियों को देखने की हमारी आशा धूमिल सी पड़ गयी केवल दूर हिमालय श्रृंखला की छाया का आभास सा हो रहा था । समय की निरंतरता के साथ सूर्यदेव ने पहाड़ों के बीच एक छोटे बच्चे की तरह से झांकना शुरू कर दिया । दूर पहाड़ों बीच उगता सूरज पल-पल एक अदभुत नजारा उजागर प्रस्तुत कर रहा था और अवस्मरणीय छाप हमारे दिल और मस्तिष्क पर छोड़ रहा था । धीरे-धीरे प्रभाकर की रश्मियों ने कौसानी की घाटी को अपने आगोश में ले शुरू कर दिया और चहुओर का सुबह का नजारा हमारे लिए एक न भुलने वाली याद बन गया । हमने सोचा यदि मौसम साफ़ होता तो सूर्य की लालिमा जब हिमालय के बर्फीले पर्वतों पर पड़ती तो यह नजारा ओर भी अदभुत और आकर्षक होता । खैर अब आप लोग भी नीचे दिए गए चित्रों और चलचित्र में सूर्योदय और सुबह के हरे-भरे पहाड़ों का नजारा लीजिए ।

Sunrise view from Ashram (सूर्य की पहली किरण से सरोबार होता कौसानी )

Sunrise view from Ashram (सूर्य की पहली किरण से सरोबार होता कौसानी )


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Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)

January 28, 2013 By: Ritesh Gupta Category: 04 April, 05 May, 06 June, 10 October, 11 November, Almora, Bageshwar, Best Time, Hills, Kausani, Nature, Uttarakhand

Table of contents for सुहाना सफ़र कुमाऊँ का

  1. Train Travel to Popular Hill Station → Nainital (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..1)
  2. Nainital → Glittering Jewel in the Himalayan Mountains (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….2)
  3. Nainital→ Beautiful view point of the city (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….3)
  4. Bhimtal→Amazing Lake with Island & Naukuchiatal→Nine Cornered Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…4)
  5. Sattal→Most Beautiful Lake of Kumaun (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5)
  6. Nainital → Shri Nainadevi Temple & Shri Kainchi Dham Temple (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6 )
  7. Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)
  8. Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)
  9. Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)
  10. Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)
  11. Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)
  12. Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

प्रिय मित्रों और पाठकगणों को नमस्कार !

अपने पिछले लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7) में मैंने प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल रानीखेत और वहाँ के विभिन्न स्थानों का उल्लेख किया था । इस कुमाऊँ श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए अब रानीखेत से निकलकर चलते हैं, उत्तराखंड प्रदेश के अंतर्गत कुमाऊँ का स्वर्ग कहा जाने वाला छोटा पर प्रसिद्ध पर्वतीय नगर “ कौसानी “ की यात्रा पर ।

लगभग समय 3:00 बजे के आसपास हम लोग रानीखेत के गोल्फ कोर्स वापिस चल दिए । कुछ किलोमीटर बाद रानीखेत शहर से काफी पहले कार चालाक ने कार को एक दाए तरफ के रास्ते “रानीखेत-द्वारहाट-कौसानी” मार्ग पर ले लिया । इस मोड़ से सोमेश्वर 43किमी० और कौसानी 55किमी० की दूरी पर था । कुछ देर चलने के बाद पहाड़ की चढ़ाई पर चढ़ते समय हमारी टैक्सी कार (मारुती अल्टो) में कुछ खराबी आ गयी । ढलान पर बिल्कुल सही चल रही थी, पर चढ़ाई पर पूरे एक्सीलेटर दबाने के बाद भी मुश्किल से धीरे-धीरे चल रही थी और झटके ले रही थी जैसे उसका करंट आ जा रहा हो । कार चालक ने एक स्थान पर रोककर भी देखा भी पर उसके लिए नए माडल का इंजन होने के कारण उसे कुछ समझ में न आया । आखिर क्या करते, आसपास कोई कार का गैराज भी नहीं था तो मज़बूरीवश हमारा कार चालक उसी अवस्था में गाड़ी को खींचता रहा जिससे कार का एवरेज भी कम हो रहा था । रास्ते में जब भी चढ़ाई आती तभी कार की में परेशानी शुरू जाती थी, बाकी ढलान और समतल रास्ते पर कार बराबर दौड़ रही थी ।

Ranikhet-Dwarhat-Kuasani Road (रानीखेत से कौसानी की दूरी लगभग 55किमी० हैं)

Ranikhet-Dwarhat-Kuasani Road (रानीखेत से कौसानी की दूरी लगभग 55किमी० हैं)

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गढ़वाल घुमक्कड़ी: तपोवन – रुद्रप्रयाग – दिल्ली

January 16, 2013 By: Vipin Category: 01 January, 02 February, 03 March, 04 April, 05 May, 06 June, 07 July, 08 August, 09 September, 10 October, 11 November, 12 December, Badrinath, Haridwar, Hills, Nature, Religious, Rishikesh, Roads, Rudraprayag, Uncategorized, Uttarakhand

शीर्षक पढ़कर आपको थोडा आश्चर्य तो जरुर हुआ होगा कि अरे ये क्या अभी तो यात्रा का मजा आने लगा था और अभी दिल्ली वापसी. जब आपको पढ़कर ऐसा लगा तो सोचिये भला मुझे कैसा लगा होगा जब ये यात्रा बीच में ही अधूरी छोड़नी पड़ी. जैसा की आपने पिछले लेख में पढ़ा कि हम लोग मनमोहक भविष्य बद्री के दर्शन करके कई जगह तीखी ढलानों से उतरते हुए मलारी वाले सड़क मार्ग तक पहुँच चुके थे. हमारा आगे का कार्यक्रम केदारनाथ की ओर रुख करने का था जिसके लिए हमें दुबारा रुद्रप्रयाग से होकर गुजरना था. वैसे इस सड़क पर दूर दूर तक किसी वाहन की उम्मीद नहीं दिख रही थी, सोचा चलो तपोवन से तो कुछ ना कुछ जुगाड़ मिल ही जाएगा. हम सभी गाइड साब को वापस भेजने की नाकाम कोशिश करते हुए आगे बढे चले जा रहे थे कि एक जीप आती दिखाई दी. हाथ दिया तो चालक साब ने रोक दी. हमने जोशीमठ जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने हमें बिठा लिया और गाइड साब भी थोड़ी देर पीछा करने के बाद सलधार से वापस लौट गए. रास्ते में हमने पूछा कि भाई कहाँ तक जाओगे, तो चालक साब बोले जहाँ तक चलोगे वहीँ ले चलेंगे. ऐसे निर्जन स्थान से सीधा रुद्रप्रयाग के लिए जीप पाकर हम लोग बड़े खुश हुए.

दीपक @ कोटेश्वर महादेव गुफा

दीपक @ कोटेश्वर महादेव गुफा


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गढ़वाल घुमक्कड़ी: भविष्य बद्री

January 02, 2013 By: Vipin Category: 04 April, 05 May, 06 June, 07 July, 10 October, 11 November, 12 December, Badrinath, Hills, Nature, Religious, Roads, Uttarakhand

इस यात्रा में वे सभी जगहें जहाँ हमें मुफ्त रहने का ठिकाना मिला हमारे लिए सबसे यादगार रही, चाहे वो रुद्रप्रयाग में स्वामीजी के साथ उमरा नारायण मंदिर हो या कर्णप्रयाग में मास्टर सलीम का आशियाना या पिछली रात आश्रम में जोगियों संग, ये ना सिर्फ रहने के ठिकाने थे बल्कि यहाँ हमें सीखने को भी बहुत कुछ मिला और ये किसी भी घुमक्कड़ी को काफी हद तक सार्थक बनाता है. आज सुबह जब हम उठे तो स्वामीजी ने बताया कि कल रात आश्रम के बाहर किसी जीव की आवाजें सुनाई दी थी और सम्भवतः ये भालू ही था, ऐसा सुनकर हमारे तो रोंगटे खड़े हो गए थे. रोजमर्रा की जरुरी गतिविधियों को अंजाम देकर, हम लोग आश्रम के किचन में नाश्ते के लिए आमंत्रित किये गए जहाँ हरियाणा से आये युवा मस्त मलंग जोगी महाराज अपने मोबाइल में भजन सुनते हुए रोटियां सेक रहे थे…हाई-टैक जोगी…वैसे इस आश्रम के सभी जोगी साधक जीवन का सही मायनों में अनुसरण कर रहे थे.

किचन में रोटियाँ सेकते जाट जोगी...

किचन में रोटियाँ सेकते जाट जोगी…

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Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)

January 01, 2013 By: Ritesh Gupta Category: 02 February, 05 May, 06 June, 10 October, 11 November, Hills, Nainital, Nature, Ranikhet, Religious, Uttarakhand, Weekend-Delhi

Table of contents for सुहाना सफ़र कुमाऊँ का

  1. Train Travel to Popular Hill Station → Nainital (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..1)
  2. Nainital → Glittering Jewel in the Himalayan Mountains (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….2)
  3. Nainital→ Beautiful view point of the city (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….3)
  4. Bhimtal→Amazing Lake with Island & Naukuchiatal→Nine Cornered Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…4)
  5. Sattal→Most Beautiful Lake of Kumaun (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..5)
  6. Nainital → Shri Nainadevi Temple & Shri Kainchi Dham Temple (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6 )
  7. Ranikhet → Himalaya’s beautiful Hill Station (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..7)
  8. Kausani → A Hill Town with Rich Natural Beauty (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..8)
  9. Baijnath (Uttrakhand)→Most Ancient Temples of Lord Shiva (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..9)
  10. Patal Bhuvneshwar → A amazing holy cave in the lap of Himalaya (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का….10)
  11. Jageshwar (Jyotirling) → An Ancient Temple group nearby Almora (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..11)
  12. Nainital→Round of Beautiful Naini Lake (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..12)

प्रिय मित्रों और पाठकगणों को नमस्कार !

आप लोगो ने मेरा पिछला लेख (सुहाना सफ़र कुमाऊँ का…..6) तो पढ़ा ही होगा, जिसमे मैंने नैनीताल का प्रसिद्ध मंदिर माँ नैनादेवी और कुमाऊँ का ही एक और प्रसिद्ध मंदिर श्री कैंची की यात्रा का उल्लेख किया था । इस तरह से अब हमारा लगभग नैनीताल और उसके आसपास के स्थलों का भ्रमण हो चुका था । अब चलते हैं नैनीताल शहर से बाहर और अपनी इस कुमाऊँ की श्रृंखला को भी आगे की तरफ अग्रसर करते हुए इस लेख में कुँमाऊ के प्रसिद्ध पर्वतीय नगर ” रानीखेत “ की यात्रा पर ले चलता हूँ ।

कैंची धाम बाबा नीव करौरी आश्रम के दर्शन करने के बाद हम लोग टैक्सी में बैठकर उसी सड़क मार्ग NH-87 पर चलते रहे । कुछ देर पहाड़ों में चलने के बाद कोसी नदी और उसकी घाटी दिखाई देना शुरू हो गयी । हम लोग भी कोसी नदी के साथ-साथ के सड़कमार्ग चलते रहे, रास्ते में कोसी नदी कभी सड़क के सामंन्तर और कभी पहाड़ों गहराई में चली जाती थी । बस यूँही कुछ देर पहाड़ और नदी का अवलोकन करते हुए, कुछ किलोमीटर बाद एक स्थान ऐसा आया जहाँ पर कोसी नदी पर सड़क के बायीं तरफ एक पुल बना हुआ था । यह नदी पुल NH-87 का ही एक हिस्सा हैं और रानीखेत जाने का रास्ता भी, बिना मुड़े सीधा रास्ता अल्मोड़ा राज्ज्यीय मार्ग SH-37 हैं, जो कुमाऊँ के एक महत्वपूर्ण नगर अल्मोड़ा को जोड़ता हैं । खैर अपनी योजनानुसार हम लोगो को सर्वप्रथम रानीखेत जाना था, सो सड़क की बायीं तरफ के कोसी नदी के पुल को पार कर हम लोग इसी रास्ते पर चलते रहे ।

Mountain View from NH-87 Toward Ranikhet  (दिल को लुभाते यह सुन्दर नज़ारे...)

Mountain View from NH-87 Toward Ranikhet (दिल को लुभाते यह सुन्दर नज़ारे…)

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