बैशाखी नगर कीर्तन |
पंजाबी दुनिया के हर हिस्से में बसते हैं. भारत के बाद कैनेडा ऐसा देश है जहाँ बहुगिनती पंजाबी रहते हैं. इनकी खास बात है यह अपनी अलग पहचान, रीती रिवाज और धर्म कायम रखते हैं. बैशाखी खालसा पंथ की स्थापना के रूप में मनाया जाता है. कैनेडा के कई शहरों में बैशाखी नगर कीर्तन निकाला जाता है. मैं Fort Saskatchewan से आप को Edmonton में बैशाखी नगर कीर्तन के दर्शन के लिए ले चलता हूँ. हाईवे २१ ले कर मैं यात्रा शुरू करता हूँ. दूरी ४० किमी है. सब से पहले कार को पेट्रोल पम्प ले के जाता हूँ. अधिकतर पेट्रोल पम्प सेल्फ सर्व हैं. अपना क्रेडिट कार्ड या बैंक कार्ड थरुइन करो और उस के बाद पेट्रोल भर लो. मजे की बात है पेट्रोल कीमत पैसे में होती है. 109.9 सेंट पर लीटर. यानि १ डॉलर १० सेंट प्रति लीटर. भारतीय रूपये के हिसाब से ६० रूपये प्रति लीटर. इस में १५% टैक्स शामिल है.
यह जो आप छत्त पर बड़ा कप देख रहें हैं, यह काफी कप की मशहुरी है. पेट्रोल वेचने से इतना मुनाफा नहीं होता, पर पेट्रोल पम्प के अन्दर टिमहोर्टन है जो काफी और खाने का सामान बेचते हैं. इस के अलावा कारवाश भी है जो करीब ६५० रुपए टचलेस कार वाश के लेते हैं .
आधे घंटे की डराइव के बाद. Edmonton गुरुद्वारा साहिब में पहुँच जाता हूँ . बचपन में हर साल मैं श्री आनंदपुर साहिब में अपना शीश गुरुद्वारा साहिब में निवाने के लिए जाता था. आज Edmonton में गुरुद्वारा साहिब में शीश निवाने के बाद आप को सुन्दर स्टाल्स पर ले कर चलता हूँ.
सबसे पहले पुलिस वालों के स्टाल पर चलते हैं . पुलिस ने यह हफ्ता पुलिस भर्ती के लिए रखा है . वह चाहते हैं के लोग पुलिस में भर्ती हो कर शहर की सेवा करें’. पर इनका फिटनेस टेस्ट काफी हार्ड होता है .
मैं कुछ घंटे घुमने के बाद फिर पुलिस के स्टाल पर जाता हूँ . आप देख सकते हैं बच्चों के सिवाए किसी ने भी बहां जाने की जहमत नहीं उठाई हैं . मैंने एक बार खबर पढ़ी थी कि पुलिस वाले लन्दन में पढ़ने वाले स्टुडेंट में से भर्ती करके लाते है. इस साल भी लगता है नए पुलिस ऑफिसर इनको बाहर से इम्पोर्ट करने पड़ेंगे.
जहाँ पर साइकिल को यह लोग बाइक कहते हैं . अभी भीडृ भाडृ में बाइक चलाना आसान है, इसलिए यह पुलिस ऑफिसर बाइक ले कर आये हें. कैनेडा में बाइक और मोटर बाइक चलाना बड़ा शान का काम समझा जाता है. कार तो कैनेडा में सभी चलाते हैं, पर बाइक और मोटर बाइक सौ में एक ही चलाता है.
मैं ने इन पुलिस ऑफिसर से फोटो के लिए कहा था, आप इनके चेहरे की मुस्कान देख सकते हैं.
अभी आप को लगता होगा कि शायद साइकिल या पेदल पुलिस को दिखा कर काम हो जायेगा. पर मैं आप को बताता हूँ पुलिस ऑफिसर आमतोर पर फोर्ड क्राउन विक्टोरिया कार चलाते हैं . इसके अंदर ही कंप्यूटर, वाकी टाकी सेट लगा हुआ है. जगमग लाइट तो इनकी मेन निशानी है. जैसा आप ब्लैक पुलिस कार में देख रहें है. इन कार के टायर भी स्पेशल होते हैं. 150 kms/hrs की स्पीड जगमग लाइट और bad guys का जब यह पीछा करते हैं तो नज़ारा बहुत रोमांचक होता है. कण्ट्रोल रूम पल पल क़ी खबर रखता है. चारों तरफ पुलिस और आसमान में पुलिस हेलीकाप्टर. ऐसे हालत में bad guys का बचना नामुमकिन ही नहीं असमभ्भ है.
भाई बहन अभी आप गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करें. मैं सुबह जल्दी उठ कर चला गया था, इस लिए अभी भीड् कम है. और आप सब अच्छे से देख रहें हैं. नगर कीर्तन इस गुरुद्वारा साहिब से शुरू होकर गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु सिंघ सभा जाएगा .
यहाँ पर कितने ही खाने के स्टॉल लगे हैं . अभी स्थान कम होने के कारण सभी को दिखा पाना संभव नहीं है . और भाई बहन यह सभी खाने का समान फ्री है . किसी भी वस्तु का पैसा नहीं है .
भाई बहन जेसे आप जानते हैं, गाड़ी और मोटर कार को बहुत पीछे रोक दिया जाता है . श्रधालुओं की सुविधा के लिए यह लिमोजीन का प्रबंध है . वह इस में बेठ कर गुरुद्वारा साहिब आ सकते हैं. लिमोजीन पार्किंग एरिया का चक्कर लगाती है. और यह भी बिल्कुल फ्री है .
गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु सिंघ सभा के आप दर्शन कर सकते हैं. शब्द कीर्तन का उचारण हो रहा है . यहाँ पर भी काफ़ी खाने के स्टॉल लगे हैं . हर तरफ़ से लोग गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए आ रहे हैं.
अब आप नगर कीर्तन के दर्शन कर सकते हैं. सब से आगे पाँच प्यारे चलते हैं. लोगों का जनसमूह उन के पीछे आता है. आप देख सकते है लोगों में कैसे उत्साह है .
गुरुद्वारा साहिब और श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के सामने सिर ढक कर रखने की प्रथा है. इस साल बैशाखी नगर कीर्तन २० मई २०१२ को मनाया गया था. यह फोटो तभी के हैं. बाहर से आने वाले भाई बहन होटल में रुक सकते हैं. १०० डॉलर में अच्छा कमरा मिल जाता है. अगर वह चाहें तो गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी से संपर्क कर सकते हैं और कमेटी रहने का इंतजाम कर देगी. Edmonton का इंटरनेशनल एअरपोर्ट है, और संसार के किसी भी हिस्से से आप आ सकते हैं. बैशाखी नगर कीर्तन हर साल मनाया जाता है.
यह जहाँ लोकल अख़बार का लिंक है . इस पर क्लिक कर के आप और फोटो देख सकते हैं.
http://www.edmontonsun.com/2012/05/21/sikhs-celebrate-with-nagar-kirtan-parade




































Kya baat hai , Limousines ki savari wo bhi free :-)
Nice one !
धन्यवाद महेश जी
शर्मा जी वाहे गुरु जी की खालसा वाहे गुरु जी की फ़तेह, जो बोले सो निहाल सत् श्री अकाल. शर्मा जी कनाडा में अपनी भारतीय/पंजाबी संस्कृति को देखकर मन को सकून मिला. गुरुद्वारे में सोमोसे, ओर जलेबी को देखकर मुह में पानी आ गया. दूर देश में अपना खाना कितना अच्छा लगता हैं. बहुत ही प्यारी पोस्ट हैं बहुत अच्छे फोटो हैं. धन्यवाद…वन्देमातरम.
प्रवीण जी धन्यवाद…वन्देमातरम
सुरिंदर जी,
बहुत ही प्यारी और आनंददायक पोस्ट है, और तस्वीरें तो माशाअल्लाह. सालों से सुनता आ रहा हूँ की कैनेडा में बहुतायत में सिक्ख हैं, क्या आप बता सकते हैं की यहाँ पूरी जनसँख्या के कितने प्रतिशत सिक्ख हैं?
मुकेश जी पोस्ट पसंद करने का बहुत बहुत धन्यवाद. 1.5 to 2% पंजाबी हो सकते हैं. नॉर्थ अमेरिका में सब से ज्यादा गुजराती भाई बहन रहते हैं.
मेरा मन वाह-वाह कर उठा ये सब पढकर….
विदेशो में भी हम हिंदुस्तानियों की धूम है…हमारी संस्कृति चारो और फ़ैल चुकी है…इस बारी बड़ा मज़ा आया पढकर.
गुरुद्वारे के दर्शन कराने और comparison न करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद..
Monty जी बहुत-बहुत धन्यवाद.
बहुत खूव सुरिंदर जी…..विदेश में वैशाखी की धूम पढ़कर मजा आ गया |
बहुत सजीव वर्णन किया आपने वहाँ के परिवेश और कीर्तन …| फोटो बहुत ही जानदार लगे….| विदेश में भारत की संस्कृति दिखाने के लिए धन्यवाद ….
रितेश जी,
पोस्ट पसंद करने का बहुत-बहुत धन्यवाद.
शर्मा जी, कनाडा बीच नगर कीर्तन दे नाल गुरुद्वारा साहिब अते साध संगत दे दर्शन, मजा आ गया. क्या कनाडा बीच सड़क ते पटा, सिगड़ी, भल्त्था, छिंज वगैरा खेलन दी मनाही है? जे नहीं, ते फोटो क्यों नहीं लाए. पिंगल वाडा इम्दादी स्टाल लग्गा देख् रूह खुश होई के लौकी अपनी दसवंत कनाडा तों पिंगला वास्ते अमृतसर बी भेजदे ह्न. फोटो बहुत शानदार ह्न.
धान्वाद.
Tridev जी,
पोस्ट पसंद करने का बहुत-बहुत धन्यवाद. पटा, सिगड़ी, भल्त्था, छिंज वगैरा खेल किसी और पोस्ट में दिखा देंगे.
सिख धर्म नगर कीर्तन कनाडा में पहली बार इतना सुंदर फोटो के साथ देखा
सेल्फ सर्व — अभी तक कोई जुगाड़ नहीं हुआ क्या
सर्वेश जी,
पोस्ट पसंद करने का बहुत-बहुत धन्यवाद. हर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल जमीनदोज टैंक में होता है. पेट्रोल कंपनी जो पेट्रोल पंप के द्वारा बेचा जाता है सिर्फ़ उसी का पैसा लेते हैं. एक छोटा ताला पेट्रोल टैंक प् र लगा होता है और चाबी सेल्स मेंन के पास होती है. टैंक में पाइप डाल कर जितना चाहो पेट्रोल निकाल सकते हो. मजे कि बात है तापमान कम ज्यादा होने पर मात्रा घटती बढ़ाती रहती है. पर एक बार पकड़े जाने पर यह चोरी करने वाले के रैकेट में दर्ज हो जाता है. फिर सारी उमर कोई ढंग का काम नहीं मिलेगा. इस लिए लोग कैनेडा में जुगाड़ लगाने से पर्हेज करते हैं.
बोत वधिया जी, चंगा लिखया ए
SS, Thanks a lot
An India away from India.very good post .beautiful pics.
Dear Ashok,
Thanks
काश हमारा देश भी पेट्रोल तथा अन्य चीजों की इन चोरी से बचने की सजा अच्छे ढंग से दे पाटा
हमारे भी पोलिसे वाले इतने सुंदर ढंग से खड़े होकर मुस्कराते हुए दीखते.
धन्वाद शर्मा जी इतनी बढ़िया फोटोस और जानकारी के लिए | आपके शहर में जो हिन्दुस्तानी रहतें हैं, उन्हें भी इस जानकारी से काफी लाभ होगा | जय हिंद |
धन्यवाद .
सुरिंदर जी ,
मै तो शायद पहली बार किसी विदेशी गुरुद्वारा का लेखन पढ़ रही हूँ aur मै बता नहीं सकती की मै कितना अच्छा महसूस कर रही हूँ . किसी भी धर्म का सम्मान करना आपके उच्च विचारो को दर्शाता हैं .पोस्ट काफी अच्छी लगी .फोटो भी गजब के हैं .
धन्यवाद .
उत्साह वर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद .
नगर कीर्तन के फोटो देखकर तो लग ही नहीं रहा कि ये भारत से बाहर का फोटो है. बहुत धन्यवाद इतनी अच्छी पोस्ट के लिए.
Deependra ji, Thanks
अब तक देशी गुरूद्वारे के बारे में जाना था आज विदेशी के बारे में भी जान लिया, काफी कुछ नया जानने को भी मिला
संदीप जी बहुत बहुत ध्न्यवाद
शर्मा जी , सुबह भी कमेंट किया था पता नही कहां चला गया । खैर आपने तो भारत के इतनी दूर एक विदेशी देश को भी अपने रंग में रंग दिया है । ऐसा लगता है कि हम भारत के ही किसी शहर में कीर्तन का नजारा देख रहे हैं । पुलिस तो हमारे यहां गंगटोक में ऐसी ही ड्रैस पहनती है ।
मनु जी,
आप ने पोस्ट पसंद की, आपका बहुत बहुत धन्यवाद. मणिमहेश यात्रा का वर्णन कब शुरू कर रहे हो.