रोहतांग की कठिन राह…..बर्फीले पहाड़ और प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर सोलांग घाटी.

September 21, 2014 By:

दोस्तों, पिछली पोस्ट में आपने हमारी मणिकर्ण यात्रा के बारे में पढा और मुझे उम्मीद है की पोस्ट आप सबको बहुत पसंद आई होगी. चलिए आज की इस पोस्ट के जरिए आप लोगों को लिए चलता हुं रोह्तांग की ओर. रोह्तांग की ओर इसलिए कह रहा हुं क्योंकि प्रशासन की ओर से प्रतिबंध होने की वजह से हम लोग ठेठ रोह्तांग तक तो नहीं जा पाए थे लेकिन रोहतांग से थोड़ा पहले जिस जगह तक हम जा पाए थे वहां भी हमने इतना इन्जोय किया की हमें रोहतांग न जा पाने का कोई मलाल नहीं रहा.

मणिकर्ण से लौटकर कैंप में उतरे तभी ड्राइवर ने कह दिया था की कल रोह्ताँग जाना है तो सुबह जितनी जल्दी हो सके तैयार हो जाना क्योंकि यदि लेट हुए तो जाम में फंस जाएंगे और शायद शाम तक पहुंच ही नहीं पाओ. हमने पूछा जल्दी मतलब कितनी बजे, तो ड्राइवर ने कहा जल्दी मतलब चार बजे, अगर पांच बजे तक भी कैंप से निकले तो ठीक ठाक समय से पहुंच जाएंगे.

कैंप से आज ज्यादातर लोग रोहतांग ही जाने वाले थे अतः नाश्ता भी सुबह जल्दी तैयार हो गया था और दोपहर के लिये लंच पैक भी, नाश्ते में आज सेंडविच थे जो की बड़े स्वादिष्ट लग रहे थे. जल्दी जल्दी हमने नाश्ता किया और लंच पैक कर लिया, और पांच बजे कैंप के मेन गेट पर पहुंच गए जहाँ पहले से ही गाड़ी तैयार खड़ी थी. सुबह सुबह जबरदस्त ठंड लग रही थी अतः सब ने गरम कपड़े पहन लिए थे. साथी गुजराती परिवार को तैयार होकर आते आते साढ़े पांच बज गए थे और अब उजाला हो गया था.

बर्फीले सफर के लिए तैयार ...

बर्फीले सफर के लिए तैयार …

Weekend Drive to “The City Beautiful” Chandigarh

September 20, 2014 By:

In our pursuit to exploring Punjab, this time around our destination was Chandigarh, the capital city of both Punjab and Haryana, located at a distance of about 260 kms from Delhi. Early 5th Sep morning we fuelled our car tank and started the journey.

Car parking Pinjore Garden

Car parking Pinjore Garden

The route to Chandigarh traverses through north Delhi to GT Karnal Road/NH1, Sonepat, Panipat, Ambala, Ambala-Chandigarh expressway finally to Chandigarh. Although it’s a real pleasure to drive the entire stretch with broad roads, scarce traffic and high speed above 110 kms/hr at some places, we got struck at Shahbad and wasted an hour due to a huge truck that had turned turtle. One can also see the city of Kurukshetra enroute with a giant figurine of Shri Krishna with Arjun on the chariot giving Geeta Gyan at the very entrance arch of Kurukshetra.

Matheran Musings

September 19, 2014 By:

Disclaimer: This post excludes the following travelers:
1. Elder people- No age limit specified. Decide yourself.
2. Traveler with babies- If they find it difficult to carry babies on shoulders or in baby bags.
3. Honeymooners- I understand. It is not expected of them to pay attention anywhere else.

Well there are ten things to do in Matheran but in two different ways. I will share both ways and then we can choose.

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Ghumakkar Insight –Let’s wander! But be vigilant too

September 18, 2014 By:

Not All Who Wander Are Lost

Not All Who Wander Are Lost

My Dear Ghumakkar Freinds,

Warm Greetings to you all!

It’s been an amazing journey at Ghumakkar since I joined here. Am I not known to you? O ho! Then here is my intro. I am also a Ghumakkar like you and my name is Anupam Chakraborty. Yes, that’s it. I’ve nothing much to say about except the following:

I have written my experiences on Amarnath Yatra at Ghumakkar and I believe you have read that. But in case you have missed the story you may find it here (Amarnath Yatra: A Journey of Faith). On my returning back at home from Amarnath Yatra, I wrote a letter to the Governor, Jammu & Kashimir, and then to Mr. Nandan Jha, founder of this site. I was replied by the Governor with assurances, and encouraged extremely by Mr. Jha to share the same with you all.

Before I write what went wrong during the yatra, let me share with you a little piece of information. In the year 2012, expressing shock over growing number of Amarnath pilgrims’ death, which went over 100, the Supreme Court observed, “We are worried and want to ensure that no more deaths are caused.” Thereafter, a committee was set up and as per its recommendation the age criteria for pilgrimage was fixed as children not below the age of 13 years and persons not above the age of 75 years to undertake the Amarnathji Yatra. However, there were other recommendations too. Amarnath pilgrimage ended on that year with a record death toll. How sad was that!

हिमाचल डायरी : दो पल के जीवन से… (Sirmour सिरमौर – भाग 2)

September 17, 2014 By:

Table of contents for हिमाचल डायरी

  1. हिमाचल डायरी : दो पल के जीवन से… (Sirmour सिरमौर – भाग 1)
  2. हिमाचल डायरी : दो पल के जीवन से… (Sirmour सिरमौर – भाग 2)

गतांक से आगे ….

[ पिछले अंक में आपने हमारी हिमाचल की सड़क यात्रा के बारे में पड़ा कि किस प्रकार से हमने अपने घर से लेकर कांगो जोहड़ी तक का सफर तय किया | ], अब आगे…
कैम्प रोक्स से करीब 100 मीटर की दूरी पर आपकी गाड़ी पार्क करवा दी जाती है, इससे आगे आपको नीचे ढलान की तरफ जाती कच्ची सीढ़ीयों से उतर कर जाना है, आपका सामान गाड़ी में ही है, कैम्प का स्टाफ इसे आपकी काटेज़ में पहुंचा देगा | सो, गाडी से निकले, बस निहायत ही जरूरी सामान उठाया और चल दिए एक और नये अनुभव की तरफ…
वैसे, कैम्प क्या है… बस जो कुछ पूरे रास्ते भर था, उसका एक विस्तार भर ही है | हाँ, यहाँ उसे एक व्यवस्था दे दी गयी है | कैम्प के भीतर जाते हुये आप एक सरसरी सी निगाह अपने आस पास डालते जाते हो | कैम्प रोक्स पूर्ण रूप से पर्वर्तीय क्षेत्र की विशेष भौगोलिक विशेषतायों को अपने में संमायोजित किये हुए है, प्रकृति के साथ अनावश्यक छेड़-छाड़ करने की कोशिश कहीं दिखाई नही देती, यहाँ तक की सुदूर ऊपर पहाड़ियों से, इस वर्षा ऋतु में बहकर आता पानी भी कैम्प क्षेत्र से, जहाँ-तहाँ यूँ ही बहकर, नीचे बहती हुईं बरसाती नदी में समाहित होने के लिये, बिना किसी मानव निर्मित अवरोध से गुजरता हुआ निर्बाध गति से जा रहा है, आप को इससे असुविधा भी हो सकती है या आप को इसमें आनंद भी आ सकता है, ये आपके अपने नजरिये पर निर्भर करता है | यहाँ, आप चाहे तो इस रिजोर्ट की मैनेजेमेंट को इस बात के लिये साधुवाद भी दे सकते हैं और उनकी दूरदर्शिता की सराहना भी, कि इन वजहों से ही यह कैम्प क्षेत्र अपने आप में ही उन सभी प्राकृतिक नजारों को अपने में समेटे हुए है जिसके मोहपाश में बँधा कोई सैलानी अपने घर से सैंकड़ो किमी दूर खिँचा चला आता है |

पारस की नजर से देखो, वादियाँ कितनी हसीन है !

पारस की नजर से देखो, वादियाँ कितनी हसीन है !